७ . शरयू तट के अमर शहिदों

 ७ .  शरयू तट के अमर शहिदों

शरयू तट के अमर शहिदों श्रद्धा से नत शीश हमारा
जन्मभूमी पर पूर्ण समर्पण अजर अमर इतिहास तुम्हारा 
जयजय सियाराम बोलो जयजय राम ।।धृ०।।

कौरवदल के चक्रव्यूह को सावध से तुम भेद रहे थे 
गोली गरजी डंडे  बरसे कंटकपथ पर झूज रहे थे 
लगा गये प्राणो की बाजी प्रथम विजय का श्रेय तुम्हारा ।।१।।

बाधाओं से पार बढे तुम लहू बहाकर मार्ग बनाया 
जान हथेली लिये चढे थे गुंबद पर भगवा फहराया 
शुभमंगल निर्माण घडी में बना गये इतिहास निराला ।।२।।

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