१२ . आज हिमालय के मस्तक पर

 १२ . आज हिमालय के मस्तक पर


आज हिमालय के मस्तक पर
चीन हमे ललकार रहा
दुनिया भर में मौत बाटकर
बेशरमी से नाच रहा
वंदे मातरम..वंदे मातरम
वंदे मातरम..वंदे मातरम ।।धृ०।।

भारत में कुछ चीन समर्थक
छिपे हुये गद्दारो को
सेना तुमको कसम देश की
गोली मारो सारो को
ये जयचंद है शरम बेचकर
बिलकुल नहीं लजाते है
गुणगान चाइना के गा कर
रोटी भारत की खाते है
वंदे मातरम..वंदे मातरम ।।१।।

याद रखो ये बासठ नहीं
ये नयी सदी का भारत है
राष्ट्र भक्त अब सत्ता में है
मोदी जी का भारत है
एक इंच आगे बढ़ ने की
हरगिज़ गलती मत करना
अंजाम नहीं अच्छा होगा
छोटी सी बात समज लेना
वंदे मातरम..वंदे मातरम ।।२।।

शांति के हम रहे पुजारी
अपना है इतिहास यही
किन्तु अगर कोई छेड़े तो
देते तो तुरंत जवाब सही
युद्ध अगर थोपा हमपर
हम ईंट से ईंट बजा देंगे
जयकार भवानी की करके
हम पूरा चीन हिला देंगे
वंदे मातरम..वंदे मातरम ।।३।।

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