१९ . हमने कभी किसीके हकपर ना हाथ डाला

 १९ . हमने कभी किसीके हकपर ना हाथ डाला

हमने कभी किसीके हकपर ना हाथ डाला 
सबको सदा दिया है सद्भाव का उजाला 
लेकिन इन्साफ का किसीने उपहास जब किया तो 
कपिराज बालीकीभी गर्दन मरोड़ डाला 
रावण समान जालिम को धूल में मिलाना 
निज पीठ ना दिखाना आदेश राम का है ।।१।।

 हनुमान ने बनायीं जब राख स्वर्ग लंका 
तो रामजन्मभूको क्या सोच और शंका 
हो रामका मुख़ालिब और भारतीय वीरों 
संभव नहीं कभीभी कहदो बजाके डंका 
भारत वसुंधरा का संसार जानता है 
ये देश अयोध्यापती अखिलेश राम का है ।।२।।

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