२ . प्राणों से प्रिय हमे है, यह हिंदु भू हमारी

 २ .  प्राणों से प्रिय हमे है, यह हिंदु भू हमारी


प्राणों से प्रिय हमे है

यह हिंदु भू हमारी
हम है सपूत इसके
माँ भारती हमारी ।। धृ ०।।

हिमशिखर देवतात्मा
माँ का मुकुट तभी तो
ऊंच रहा है सबसे
रक्षा करे हमारी ।। १।।

हे पुण्य सलिल गंगे
हुई तू पवित्र तबसे
वह स्वर्ग छोड जब से
इस भूमी पर पधारी  ।। २।।

उन बुलबुलोंसे कह दो
कोई और चमन ढूंढे
यह भोग भू नही है
ये कर्म-भू हमारी ।। ३।।

हिन्दुत्व ही सिखाता
एकात्मभाव सब मे
हिंदु है हम
हिंदु है हम
हिंदु है हम
यही है राष्ट्रीयता हमारी  ।। ४।।

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