९ . तेरे मेरे बीच में

 ९ . तेरे मेरे बीच में

तेरे मेरे बीच में
कैसा है ये बंधन अनजाना
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना
एक डोर खींचे, दूजा दौड़ा चला आये
कच्चे धागे में, बंधा चला आये
ऐसे जैसे कोई दीवाना
आपडीया - जैसे सब समझ गया 
पहनूँगी मैं तेरे, हाथों से कंगना
जाएगी मेरी डोली, तेरे ही अंगना
चाहे कुछ कर ले ज़माना

रोम्बा अडग्गा इरुक्के - ये रंब्बा रंब्बा क्या है 

इतनी जुबाने  बोले, लोग हमजोली 
दुनिया में प्यार की, एक है बोली 
बोले जो शमा परवाना 

नींद न आये मुझे, चैन न आये 
लाख जतन कर रोक न पाए 
सपनों में तेरा आना जाना 

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